User Overview

Followers and Following

Followers
Following
Trendsmap

History

Total Followers - Last Year
Daily Follower Change - Last Year
Daily Tweets - Last Year

Tweet Stats

Analysed 17,510 tweets, tweets from the last 260 weeks.
Tweets Day of Week (UTC)
Tweets Hour of Day (UTC)
Key:
Tweets
Retweets
Quotes
Replies
Tweets Day and Hour Heatmap (UTC)

Tweets

Last 50 tweets from @kavishala
तुलसी भरोसे राम के, निर्भय हो के सोए।
अनहोनी होनी नही, होनी हो सो होए।।

- तुलसीदास
 
आपकी रात वाली शायरी:
 
कविता भी है तो स्त्री ही
कोई उसे सुनता नहीं,
सुनता भी है तो समझता नहीं,
सब उसके प्रेमी हैं और दोस्त कोई नहीं!

- अनामिका
 
[मर्द हो तो मर्द बनो, स्त्री हो तो स्त्री रहो | @doctorsaheba]

Watch More at Kavishala!
 
 
हर शख़्स दौड़ता है यहाँ भीड़ की तरफ़
फिर ये भी चाहता है उसे रास्ता मिले

- वसीम बरेलवी
 
होठों पर गंगा हो,
हाथों में तिरंगा हो
 
'Poetry and Mental Heath'

Watch Full Video: youtu.be/f04wVUnYWfo
 
 
आने वाला कल न भुलाएं,
आओ फिर से दिया जलाएं।

- अटल बिहारी वाजपेयी
 
क़दम मिलाकर चलना होगा: youtube.com/channel/UCI9cj… @AtalBihariV

 
पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम सआदत हसन मंटो का ख़त | नेहरू हीरो या खलनायक?

kavishala.in/@kavishala-lab…
| ...
kavishala.in
 
जय जवान
जय किसान
जय विज्ञान
जय अनुसंधान

#IndiaAt75
 
 
जय हिन्द, ____ _______ ! 🇮🇳
 
देश का उद्धार विलासियों द्वारा नहीं हो सकता।
उसके लिए सच्चा त्यागी होना आवश्यक है!

- मुंशी प्रेमचंद

#HappyIndependenceDay
 
जिसको लिए गोद में सागर,
हिम-किरीट शोभित है सर पर।
जहाँ आत्म-चिन्तन था घर-घर,
पूरब-पश्चिम दक्षिण-उत्तर॥

जहाँ से फैली ज्योति महान।
हमारा प्यारा हिन्दुस्तान॥

kavishala.in/@kavishala/mil…
, | In...
kavishala.in
 
Kavishala 'Story Behind the Story' | in Conversation with SYED AHMAD AFZAL | @afzalistan | @iAnkurMishra twitter.com/i/broadcasts/1…
 
Kavishala Retweeted ·  
Earning money is the smallest use of Higher education.
 
पूछते हैं वो कि 'ग़ालिब' कौन है
कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या

- मिर्ज़ा ग़ालिब
 
धन्य: अस्मि भारतत्वेन

🇮🇳🇮🇳🇮🇳
kavishala.in/@kavishala-san…
: ...
kavishala.in
 
 
लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है
उछल रहा है ज़माने में नाम-ए-आज़ादी

- फ़िराक़ गोरखपुरी
 
चलिए कुछ लिखते हैं

#LikhoKavishalaPe
 
 
 
बोझ उठाए हुए फिरती है हमारा अब तक
ऐ ज़मीं माँ तिरी ये उम्र तो आराम की थी

- परवीन शाकिर
 
Kavishala Retweeted ·  
पिछले बरस भी हमने कलाई सजाई थी,
राखी के धागे आज भी कच्चे नहीं पड़े.

- आलोक श्रीवास्तव
 
सपने — जैसे कई भट्टियाँ हैं
हर भट्टी में आग झोंकता हुआ
मेरा इश्क़ मज़दूरी करता है

- अमृता प्रीतम
 
भाई / बहन के लिए एक कविता:
 
लड़की होना भाग्य है,
'बहन' होना सौभाग्य

#HappyRakshabandhan!
 
मैं उसके छूने से अच्छा हुआ,बताता किसे
सभी ने पूछा था मुझ से दवा के बारे में

- शकील आज़मी
 
Let's go back to the books! 📚📚📚

youtu.be/vM1BbIwgy7s @manojkjhadu
 
Kavishala Retweeted ·  
Best feedback you’ve received on your Poetry?
 
उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो
धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है

- राहत इंदौरी
 
राजनीति पर कोई कविता लिखी है?
 
बनारस का 'Student Of the Year'

youtu.be/0d03uHQ5EN0
 
अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए
जिस में इंसान को इंसान बनाया जाए

[गोपालदास नीरज]
 
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।।
 
वो कोई दोस्त था अच्छे दिनों का
जो पिछली रात से याद आ रहा है

- नासिर काज़मी
 
Kavishala 'Story Behind the Story' | in Conversation with Anup Soni / @soniiannup .... Watch Full Show: youtu.be/vsfDM-JCNZc twitter.com/i/broadcasts/1…
 
Replying to @kamal_naishad @SaritaSidh and 1 otherfalse
याद करने पे भी दोस्त आए न याद दोस्तों के करम याद आते रहे - ख़ुमार बाराबंकवी kavishala.in/sootradhar/khu…
Khumar Barabankvi | Kavishala Sootradhar...
kavishala.in
 
In reply to @Aswini06
देखा जो खा के तीर कमीं-गाह की तरफ़ अपने ही दोस्तों से मुलाक़ात हो गई - हफ़ीज़ जालंधरी kavishala.in/login
Kavishala | The school of poets
kavishala.in
 
Replying to @ayushk_909
दुश्मनों की जफ़ा का ख़ौफ़ नहीं दोस्तों की वफ़ा से डरते हैं - हफ़ीज़ बनारसी kavishala.in/login
Kavishala | The school of poets
kavishala.in
 
दुश्मनों की जफ़ा का ख़ौफ़ नहीं दोस्तों की वफ़ा से डरते हैं - हफ़ीज़ बनारसी kavishala.in/@kavishala/asp…
'Aspirants to Inspirations'...
kavishala.in
 
दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला वही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला - अहमद फ़राज़ kavishala.in/@kavishala/bes…
Best of Ahmad Faraz...
kavishala.in
 
Replying to @Kiran202S
दुश्मनों ने जो दुश्मनी की है दोस्तों ने भी क्या कमी की है - हबीब जालिब kavishala.in/login
Kavishala | The school of poets
kavishala.in
 
Replying to @Singh_Ranvijay_ @manojmuntashir and 2 others
दुश्मनों के साथ मेरे दोस्त भी आज़ाद हैं देखना है खींचता है मुझ पे पहला तीर कौन - परवीन शाकिर kavishala.in/sootradhar/par…
 
Replying to @_chandanydv_ @monu_mukund and 1 otherfalse
मुझे दोस्त कहने वाले ज़रा दोस्ती निभा दे ये मुतालबा है हक़ का कोई इल्तिजा नहीं है - शकील बदायुनी kavishala.in/sootradhar/sha…
Shakeel Badayuni | Kavishala Sootradhar...
kavishala.in
 
Replying to @Prabhatkrthakur @Iam__Charlee and 1 otherfalse
दोस्तों को भी मिले दर्द की दौलत या रब मेरा अपना ही भला हो मुझे मंज़ूर नहीं - हफ़ीज़ जालंधरी kavishala.in/login
Kavishala | The school of poets
kavishala.in
 
 
Free access is provided to the 8 hour timeframe for this page.

A Trendsmap Explore subscription provides full access to all available timeframes

Find out more

This account is already logged in to Trendsmap.
Your subscription allows access for one user. If you require access for more users, you can create additional subscriptions.
Please Contact us if you are interested in discussing discounts for 3+ users for your organisation, or have any other queries.