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Last 50 tweets from @PMOIndia
Being vocal about local.
 
Will keep serving the people of Kashi: PM @narendramodi
 
'एक्सप्रेस प्रदेश' बन रहा यूपी: प्रधानमंत्री।
 
संकल्प पूरा होते देख चेहरे पर दिखा सुखद भाव।
 
बाबा विश्वनाथ की कृपा से ही साकार हो रहा धाम।
 
सुधार के बड़े प्रतीक तो गुरुनानक देव थे: मोदी।
 
विश्वनाथ द्वार पहुंचे पीएम, मांगा आशीर्वाद।
 
Sights, sounds and lights of Kashi.
 
Spectacular Kashi on Dev Deepavali.
 
काशी के लिए जब विकास के काम शुरू हुये थे, विरोध करने वालों ने सिर्फ विरोध के लिए विरोध तब भी किया था।

जब काशी ने तय किया था कि बाबा के दरबार तक विश्वनाथ कॉरिडॉर बनेगा, विरोध करने वालों ने तब इसे लेकर भी काफी कुछ कहा था: PM
Replying to @PMOIndia
लेकिन आज बाबा की कृपा से काशी का गौरव पुनर्जीवित हो रहा है। सदियों पहले, बाबा के दरबार का माँ गंगा तक जो सीधा संबंध था, वो फिर से स्थापित हो रहा है: PM
 
काशी के लिए जब विकास के काम शुरू हुये थे, विरोध करने वालों ने सिर्फ विरोध के लिए विरोध तब भी किया था।

जब काशी ने तय किया था कि बाबा के दरबार तक विश्वनाथ कॉरिडॉर बनेगा, विरोध करने वालों ने तब इसे लेकर भी काफी कुछ कहा था: PM
 
आज हम रिफॉर्म्स की बात करते हैं, लेकिन समाज और व्यवस्था में रिफॉर्म्स के बहुत बड़े प्रतीक तो स्वयं गुरु नानक देव जी ही थे।

हमने ये भी देखा है कि जब समाज, राष्ट्रहित में बदलाव होते हैं, तो जाने-अनजाने विरोध के स्वर ज़रूर उठते हैं: PM
Replying to @PMOIndia
लेकिन जब उन सुधारों की सार्थकता सामने आने लगती है तो सबकुछ ठीक हो जाता है। यही सीख हमें गुरुनानक देवजी के जीवन से मिलती है: PM
 
आज हम रिफॉर्म्स की बात करते हैं, लेकिन समाज और व्यवस्था में रिफॉर्म्स के बहुत बड़े प्रतीक तो स्वयं गुरु नानक देव जी ही थे।

हमने ये भी देखा है कि जब समाज, राष्ट्रहित में बदलाव होते हैं, तो जाने-अनजाने विरोध के स्वर ज़रूर उठते हैं: PM
 
हमारे लिए विरासत का मतलब है देश की धरोहर!

जबकि कुछ लोगों के लिए विरासत का मतलब होता है, अपना परिवार और अपने परिवार का नाम।

हमारे लिए विरासत का मतलब है हमारी संस्कृति, हमारी आस्था, हमारे मूल्य!

उनके लिए विरासत का मतलब है अपनी प्रतिमाएं, अपने परिवार की तस्वीरें: PM
 
हमारे देवी देवताओं की ये प्राचीन मूर्तियाँ, हमारी आस्था के प्रतीक के साथ ही हमारी अमूल्य विरासत भी हैं।

ये बात भी सही है कि इतना प्रयास अगर पहले किया गया होता, तो ऐसी कितनी ही मूर्तियाँ, देश को काफी पहले वापस मिल जातीं।

लेकिन कुछ लोगों की सोच अलग रही है: PM
 
काशी के लिए एक और भी विशेष अवसर है!

100 साल से भी पहले माता अन्नपूर्णा की जो मूर्ति काशी से चोरी हो गई थी, वो अब फिर वापस आ रही है।

माता अन्नपूर्णा एक बार फिर अपने घर लौटकर आ रही हैं।

काशी के लिए ये बड़े सौभाग्य की बात है: PM
 
 
जिन किसान परिवारों की अभी भी कुछ चिंताएं हैं, कुछ सवाल हैं, तो उनका जवाब भी सरकार निरंतर दे रही है।

मुझे विश्वास है, आज जिन किसानों को कृषि सुधारों पर कुछ शंकाएं हैं, वो भी भविष्य में इन कृषि सुधारों का लाभ उठाकर, अपनी आय बढ़ाएंगे: PM
 
आशंकाओं के आधार पर भ्रम फैलाने वालों की सच्चाई लगातार देश के सामने आ रही है।

जब एक विषय पर इनका झूठ किसान समझ जाते हैं, तो ये दूसरे विषय पर झूठ फैलाने लगते हैं: PM
 
मुझे ऐहसास है कि दशकों का छलावा किसानों को आशंकित करता है।

लेकिन अब छल से नहीं गंगाजल जैसी पवित्र नीयत के साथ काम किया जा रहा है: PM
 
एक राज्य में तो वहां की सरकार, अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते आज भी किसानों को इस योजना का लाभ नहीं लेने दे रही है।

देश के 10 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के बैंक खाते में सीधी मदद दी जा रही है।

अब तक लगभग 1 लाख करोड़ रुपए किसानों तक पहुंच भी चुका है: PM
 
आपको याद रखना है, यही लोग हैं जो पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर ये लोग सवाल उठाते थे।

ये लोग अफवाह फैलाते थे कि चुनाव को देखते हुए ये पैसा दिया जा रहा है और चुनाव के बाद यही पैसा ब्याज सहित वापस देना पड़ेगा: PM
 
अब आप ही बताइए कि अगर मंडियों और MSP को ही हटाना था,

तो इनको ताकत देने,

इन पर इतना निवेश ही क्यों करते?

हमारी सरकार तो मंडियों को आधुनिक बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है: PM
 
2014 से पहले के 5 सालों में गेहूं की खरीद पर डेढ़ लाख करोड़ रुपए के आसपास ही किसानों को मिला।

वहीं हमारे 5 सालों में 3 लाख करोड़ रुपए गेहूं किसानों को मिल चुका है यानि लगभग 2 गुणा: PM
 
2014 से पहले के 5 सालों में पहले की सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपए का धान खरीदा था।

लेकिन इसके बाद के 5 सालों में 5 लाख करोड़ रुपए धान के MSP के रूप में किसानों तक हमने पहुंचाए हैं।

यानि लगभग ढाई गुणा ज्यादा पैसा किसान के पास पहुंचा है: PM
 
सिर्फ दाल की ही बात करें तो 2014 से पहले के 5 सालों में लगभग साढ़े 6 सौ करोड़ रुपए की ही दाल किसान से खरीदी गईं।

लेकिन इसके बाद के 5 सालों में हमने लगभग 49 हज़ार करोड़ रुपए की दालें खरीदी हैं यानि लगभग 75 गुणा बढ़ोतरी: PM
 
हमने वादा किया था कि स्नामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुकूल लागत का डेढ़ गुणा MSP देंगे।

ये वादा सिर्फ कागज़ों पर ही पूरा नहीं किया गया, बल्कि किसानों के बैंक खाते तक पहुंचाया है: PM
 
जब इस सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड देखेंगे तो सच अपने आप सामने आ जाएगा।

हमने कहा था कि हम यूरिया की कालाबाज़ारी रोकेंगे और किसान को पर्याप्त यूरिया देंगे।

बीते 6 साल में यूरिया की कमी नहीं होने दी।

यहां तक कि लॉकडाउन तक में जब हर गतिविधि बंद थी, तब भी दिक्कत नहीं आने दी गई: PM
 
जब इतिहास छल का रहा हो, तब 2 बातें स्वभाविक हैं।

पहली ये कि किसान अगर सरकारों की बातों से कई बार आशंकित रहता है तो उसके पीछे दशकों का इतिहास है।

दूसरी ये कि जिन्होंने वादे तोड़े, छल किया, उनके लिए ये झूठ फैलाना मजबूरी बन चुका है कि जो पहले होता था, वही अब भी होने वाला है: PM
 
MSP तो घोषित होता था लेकिन MSP पर खरीद बहुत कम की जाती थी।
सालों तक MSP को लेकर छल किया गया।

किसानों के नाम पर बड़े-बड़े कर्जमाफी के पैकेज घोषित किए जाते थे।

लेकिन छोटे और सीमांत किसानों तक ये पहुंचते ही नहीं थे।

यानि कर्ज़माफी को लेकर भी छल किया गया: PM
Replying to @PMOIndia
किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी योजनाएं घोषित होती थीं। लेकिन वो खुद मानते थे कि 1 रुपए में से सिर्फ 15 पैसे ही किसान तक पहुंचते थे। यानि योजनाओं के नाम पर छल: PM
 
MSP तो घोषित होता था लेकिन MSP पर खरीद बहुत कम की जाती थी।
सालों तक MSP को लेकर छल किया गया।

किसानों के नाम पर बड़े-बड़े कर्जमाफी के पैकेज घोषित किए जाते थे।

लेकिन छोटे और सीमांत किसानों तक ये पहुंचते ही नहीं थे।

यानि कर्ज़माफी को लेकर भी छल किया गया: PM
 
अपप्रचार किया जाता है कि फैसला तो ठीक है लेकिन इससे आगे चलकर ऐसा हो सकता है।

जो अभी हुआ ही नहीं, जो कभी होगा ही नहीं, उसको लेकर समाज में भ्रम फैलाया जाता है।

कृषि सुधारों के मामले में भी यही हो रहा है।

ये वही लोग हैं जिन्होंने दशकों तक किसानों के साथ लगातार छल किया है: PM
 
लेकिन पिछले कुछ समय से एक अलग ही ट्रेंड देश में देखने को मिल रहा है।

पहले होता ये था कि सरकार का कोई फैसला अगर किसी को पसंद नहीं आता था तो उसका विरोध होता था।

लेकिन बीते कुछ समय से हम देख रहे हैं कि अब विरोध का आधार फैसला नहीं बल्कि आशंकाओं को बनाया जा रहा है: PM
 
सरकारें नीतियां बनाती हैं, कानून-कायदे बनाती हैं।

नीतियों और कानूनों को समर्थन भी मिलता है तो कुछ सवाल भी स्वभाविक ही है।

ये लोकतंत्र का हिस्सा है और भारत में ये जीवंत परंपरा रही है: PM
 
नए कृषि सुधारों से किसानों को नए विकल्प और नए कानूनी संरक्षण दिए गए हैं।

पहले मंडी के बाहर हुए लेनदेन ही गैरकानूनी थे।

अब छोटा किसान भी, मंडी से बाहर हुए हर सौदे को लेकर कानूनी कार्यवाही कर सकता है।

किसान को अब नए विकल्प भी मिले हैं और धोखे से कानूनी संरक्षण भी मिला है: PM
 
भारत के कृषि उत्पाद पूरी दुनिया में मशहूर हैं।

क्या किसान की इस बड़े मार्केट और ज्यादा दाम तक पहुंच नहीं होनी चाहिए?

अगर कोई पुराने सिस्टम से ही लेनदेन ही ठीक समझता है तो, उस पर भी कहां रोक लगाई गई है?: PM
 
In reply to @PMOIndia
चंदौली के किसानों की आय को बढ़ाने के लिए 2 साल पहले काले चावल की एक वैरायटी का प्रयोग यहां किया गया था। पिछले साल खरीफ के सीज़न में करीब 400 किसानों को ये चावल उगाने के लिए दिया गया। इन किसानों की एक समिति बनाई गई, इसके लिए मार्केट तलाश किया गया: PM
Replying to @PMOIndia
सामान्य चावल जहां 35-40 रुपए किलो के हिसाब से बिकता है, वहीं ये बेहतरीन चावल 300 रुपए तक बिक रहा है। बड़ी बात ये भी है कि ब्लैक राइस को विदेशी बाज़ार भी मिल गया है। पहली बार ऑस्ट्रेलिया को ये चावल निर्यात हुआ है, वो भी करीब साढ़े 800 रुपए किलो के हिसाब से: PM
 
सरकार के प्रयासों औऱ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से किसानों को कितना लाभ हो रहा है, इसका एक बेहतरीन उदाहरण चंदौली का काला चावल-ब्लैक राइस है।

ये चावल चंदौली के किसानों के घरों में समृद्धि लेकर आ रहा है: PM
Replying to @PMOIndia
चंदौली के किसानों की आय को बढ़ाने के लिए 2 साल पहले काले चावल की एक वैरायटी का प्रयोग यहां किया गया था। पिछले साल खरीफ के सीज़न में करीब 400 किसानों को ये चावल उगाने के लिए दिया गया। इन किसानों की एक समिति बनाई गई, इसके लिए मार्केट तलाश किया गया: PM
 
सरकार के प्रयासों औऱ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से किसानों को कितना लाभ हो रहा है, इसका एक बेहतरीन उदाहरण चंदौली का काला चावल-ब्लैक राइस है।

ये चावल चंदौली के किसानों के घरों में समृद्धि लेकर आ रहा है: PM
 
वाराणसी में पेरिशेबल कार्गो सेंटर बनने के कारण अब यहां के किसानों को अब फल और सब्जियों को स्टोर करके रखने और उन्हें आसानी से बेचने की बहुत बड़ी सुविधा मिली है।

इस स्टोरेज कैपेसिटी के कारण पहली बार यहां के किसानों की उपज बड़ी मात्रा में निर्यात हो रही है: PM
 
जब किसी क्षेत्र में आधुनिक कनेक्टिविटी का विस्तार होता है, तो इसका बहुत लाभ हमारे किसानों को होता है।

बीते वर्षों में ये प्रयास हुआ है कि गांवों में आधुनिक सड़कों के साथ भंडारण, कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्थाएं खड़ी की जाएं।

इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपए का फंड भी बनाया गया है: PM
 
बीते वर्षों में काशी के सुंदरीकरण के साथ-साथ यहां की कनेक्टिविटी पर जो काम हुआ है, उसका लाभ अब आप सभी देख रहे हैं।

नए हाईवे हो, पुल-फ्लाईओवर हो, ट्रैफिक जाम कम करने के लिए रास्तों को चौड़ा करना हो, जितना काम बनारस और आसपास में अभी हो रहा है, उतना आजादी के बाद कभी नहीं हुआ: PM
 
Watch Live!
Boosting infrastructure for Kashi and the entire UP. pscp.tv/w/cpNkPDMyMjEx…
 
Pained by the untimely demise of Kiran Maheshwari Ji. Be it as MP, MLA or Cabinet Minister in the Rajasthan Government, she made numerous efforts to work towards the progress of the state and empower the poor as well as marginalised. Condolences to her family. Om Shanti: PM Modi
 
Tomorrow, on 30th November 2020, PM @narendramodi will interact, via video conferencing, with three teams that are involved in developing a COVID-19 vaccine. The teams he will interact with are from Gennova Biopharma, Biological E and Dr. Reddy’s.
 
Committed to the welfare of the hardworking Indian farmer. #MannKiBaat
 
Today, when we talk about Aatmanirbhar Bharat, we remember Sri Aurobindo.

His vision of self-reliance included keeping our mind open to best practices from all over and excelling.

He also had a dream of furthering education and learning among the youth of India. #MannKiBaat
 
During #MannKiBaat, PM @narendramodi emphasises on each institution harnessing the strengths and talents of their alumni.

Alumni associations can play a key role, be it in donating latest infrastructure, providing scholarships and more.
 
A unique initiative started by PM @narendramodi when he would visit colleges and universities during convocations. #MannKiBaat
 
Connecting with India's Yuva Shakti. #MannKiBaat
 
 
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